नया इनकम टैक्स एक्ट 2025: मुख्य बदलाव

 

आज 1 अप्रैल 2026 से भारत में आयकर अधिनियम 2025 (Income Tax Act 2025) लागू हो गया है, जिसने 60 साल पुराने 1961 के अधिनियम की जगह ले ली है। Zain Digital Hub' यहाँ आपको पूरी जानकारी दे रहा है कि इस नए कानून से आम आदमी के लिए क्या सस्ता हुआ है और क्या महंगा।

नया इनकम टैक्स एक्ट 2025: मुख्य बदलाव


नया इनकम टैक्स एक्ट 2025: मुख्य बदलाव:

1. क्या सस्ता हुआ? (राहत और फायदे)

टैक्स छूट की सीमा बढ़ी: अब ₹4 लाख तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा (पहले यह ₹3 लाख थी)।

₹12 लाख तक जीरो टैक्स: सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली छूट को बढ़ा दिया गया है। अब ₹12 लाख तक की सालाना कमाई करने वालों को कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा (बशर्ते वे नई टैक्स व्यवस्था चुनें)।

बड़े इनकम वालों को राहत: पहले 30% का सबसे ऊंचा टैक्स स्लैब ₹15 लाख से शुरू होता था, जो अब बढ़ाकर ₹24 लाख कर दिया गया है। यानी ₹24 लाख से ज्यादा कमाने वालों पर ही 30% टैक्स लगेगा।

नियमों का सरलीकरण: इनकम टैक्स के नियमों (Sections) की संख्या 511 से घटाकर 333 कर दी गई है, जिससे अब टैक्स फाइल करना और समझना आसान हो गया है।

2. क्या महंगा हुआ? (चुनौतियां और नुकसान)

​पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Regime) में बदलाव नहीं: जो लोग अभी भी पुरानी टैक्स व्यवस्था में हैं और 80C या होम लोन के जरिए छूट लेते हैं, उनके लिए स्लैब में कोई बड़ी राहत नहीं दी गई है। सरकार धीरे-धीरे पुरानी व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है।

​TDS और अन्य सेवाओं पर असर: हालांकि टैक्स कम हुआ है, लेकिन TDS (Tax Deducted at Source) के कुछ नए नियमों और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में आज से हुई ₹195.50 की वृद्धि के कारण व्यापार करना थोड़ा महंगा हो सकता है।

​बीमा (Insurance) सेक्टर: बीमा क्षेत्र में FDI सीमा को 100% कर दिया गया है, जिससे भविष्य में प्रीमियम की दरों में बदलाव की संभावना हो सकती है।

​CSC संचालकों और आम जनता के लिए मुख्य बातें:

​टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: आज से ऑनलाइन पेमेंट के लिए सुरक्षा के दो स्तर (दो बार जांच) जरूरी होंगे।

​इनकम टैक्स एक्ट 2025: अब "Assessment Year" जैसे जटिल शब्दों को सरल कर "Tax Year" कर दिया गया है।

​निष्कर्ष:

"नया आयकर अधिनियम 2025" मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ी सौगात है, खासकर उनके लिए जिनकी आय ₹12 लाख तक है। यह न केवल पैसा बचाता है बल्कि कागजी कार्रवाई को भी कम करता है।

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